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*तरीघाट में खारून नदी का पानी सहेजने की पहल: ग्राम पंचायत ने एनीकेट के गेट बंद कराने और मरम्मत का काम किया शुरू*

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तरीघाट में खारून नदी का पानी सहेजने की पहल: ग्राम पंचायत ने एनीकेट के गेट बंद कराने और मरम्मत का काम किया शुरू सेलुद/​पाटन:*** बरसात का मौसम समाप्त होते ही पाटन क्षेत्र के पुरातात्विक गांव तरीघाट में गर्मी के दिनों के लिए पानी सहेजने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। गर्मी में जल संकट से निपटने के लिए ग्राम पंचायत ने एक अहम निर्णय लेते हुए खारून नदी पर बने तरीघाट एनीकेट के गेटों को बंद करना शुरू कर दिया है, जिससे नदी का पानी अब एनीकेट में एकत्रित होने लगा है। ​जल संरक्षण की पहल: पंचायत का मुख्य उद्देश्य बरसात के बाद बहने वाले पानी को रोककर आगामी गर्मी के लिए सुरक्षित रखना है। ​क्षतिग्रस्त गेटों की मरम्मत: बरसात के तेज बहाव से एनीकेट के कुछ गेटों को पहुंचे नुकसान को देखते हुए पानी के रिसाव को रोकने के लिए युद्धस्तर पर मरम्मत का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। ​ग्रामीणों और मवेशियों को राहत: एनीकेट में पर्याप्त पानी रुकने से ग्रामीणों को दैनिक निस्तारी कार्यों और पशुओं के लिए पानी की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। ​भूजल स्तर में सुधार: लंबे समय तक पानी के ठहराव से आसपास के क्षेत्रों में...

दुर्ग में भारी-बारिश से 26 सितंबर को भी स्कूल बंदः सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी, त्रैमासिक परीक्षा पर

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* दुर्ग में भारी-बारिश से 26 सितंबर को भी स्कूल बंदः सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी, त्रैमासिक परीक्षा पर अलग आदेश जारी होगा*

तंदुला नहर में बड़ा हादसा: कबड्डी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आया 15 वर्षीय खिलाड़ी तेज बहाव में बहा, तलाश जारी

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तंदुला नहर में बड़ा हादसा: कबड्डी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आया 15 वर्षीय खिलाड़ी तेज बहाव में बहा, तलाश जारी ​ सेलूद/पाटन। छत्तीसगढ़ के पाटन ब्लॉक के सेलूद भाठापारा स्थित तंदुला नहर में शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। रायपुर के गुढ़ियारी से सेलूद में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में शामिल होने आया 15 वर्षीय खिलाड़ी शिवम यादव नहर के तेज बहाव में बह गया। ​ हाथ-पैर धोने के दौरान फिसला पैर प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवम प्रतियोगिता स्थल के पास तंदुला नहर की ओर गया था। नहर के किनारे हाथ-पैर धोने के दौरान काई और ढलान होने के कारण उसका अचानक पैर फिसल गया। उस समय नहर में पानी का बहाव काफी तेज था, जिसके कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और गहरे पानी में बह गया। ​ साथियों ने बचाने की कोशिश की, पर रहे असफल शिवम को नहर में गिरते और बहते देख उसके साथी खिलाड़ियों ने तुरंत उसे बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन पानी की अत्यधिक तेज धार के सामने उनकी कोशिशें नाकाम हो गईं। देखते ही देखते शिवम तेज पानी के बहाव में ओझल हो गया। ​ प्रशासनिक स्तर पर तलाश जारी घ...

*मटंग सरपंच अमित हिरवानी ने अनोखा कार्य करते हुऐ पूरा गाँव में बांटा करेले की सब्जी* *• तिज में माता बहनो के करू भात के लिए बाँटे गांव के सभी घर करेले,,*

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*मटंग सरपंच अमित हिरवानी ने अनोखा कार्य करते हुऐ पूरा गाँव में बांटा करेले की सब्जी*    *• तिज में माता बहनो के करू भात के लिए बाँटे गांव के सभी घर करेले,,* दिनांक /12/09/2026 *पाटन /* विधानसभा के अंतर्गत आने वाले ग्राम मटंग में एक अद्भुत और आश्चर्य कार्य देखने को मिला जहां गाँव के सरपंच अमित हिरवानी द्वारा हरतालिका तिज के पहले खाये जाने वाले करू भात के लिए पुरे गाँव के सभी घर में करेले सब्जी बांटे !      विदित हो मटंग सरपंच अमित हिरवानी आम जन के लिए कुछ कुछ ना नये और अनोखा कार्य करते रहते है! इस बार भी माता, बहनों के लिए और पुरे पंचायत में करेले बांटे,साथ ही आश्रित गाँव बोदल में भी करेले बाँटे!          गांव के सरपंच अमित हिरवानी बताते है की जहां अभी करेले बाजार में लगभग 80 से 100 रूपये के दर में मिल रहा है, जिसे देखते माता, बहनों और आम जन को कोई दिक्क़त ना हो करके पुरे गांव में करेले बांटा! हरितालिका तीज से पहले करू भात खाने की छत्तीसगढ़ी परंपरा केवल धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि स्थानीय खान-पान और मौसम से जुड़ी परंपरा भी मानी जा...

महुदा में 19वें वर्ष भी भव्य पोला महोत्सव का आयोजन, बैल दौड़ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम​महुदा:

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महुदा में 19वें वर्ष भी भव्य पोला महोत्सव का आयोजन, बैल दौड़ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम ​ महुदा: ग्राम महुदा में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी परंपरा और उत्साह के साथ 19वां भव्य पोला महोत्सव मनाया जा रहा है। क्रिकेट संघ एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित होने वाले इस पारंपरिक पावन पर्व को लेकर क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। कोसों दूर से लोग इस भव्य आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में जुटते हैं। ​ कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं एवं आकर्षण ​ तिथि एवं दिन: यह भव्य आयोजन दिनांक 10.09.2026 (गुरुवार) को संपन्न हो रहा है। ​ आकर्षण: इस महोत्सव में मुख्य रूप से बैल दौड़ और बैल सजावट का आकर्षक रूप देखने को मिलता है, जिसे देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं। यहाँ की बहुएँ भी पोला महोत्सव देखकर ही तीजा के लिए जाती हैं, जिससे इस उत्सव का महत्व और भी बढ़ जाता है। ​ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति को जीवंत करते हुए सुआ नृत्य, कर्मा और ददरिया की विशेष प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। ​ खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन ...

महुदा में कल मनेगा 19वां भव्य पोला महोत्सव: बैल दौड़ और पारंपरिक खेलों का होगा आकर्षक आयोजन​*छत्तीसगढ़ी संस्कृति की अनूठी छटा: महुदा गांव में कल सजेगा 19वां पोला

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​ महुदा में कल मनेगा 19वां भव्य पोला महोत्सव: बैल दौड़ और पारंपरिक खेलों का होगा आकर्षक आयोजन ​ छत्तीसगढ़ी संस्कृति की अनूठी छटा: महुदा गांव में कल सजेगा 19वां पोला महोत्सव, सुआ नृत्य और कर्मा-ददरिया रहेगा मुख्य  आकर्षण  ​ कोसो दूर से जुटते हैं लोग: महुदा में लगातार 19वें वर्ष पोला उत्सव की धूम, बैल दौड़ और महिला खेल प्रतियोगिताओं का होगा रोमां : ​क्रिकेट संघ एवं समस्त ग्रामवासी महुदा के सहयोग से ग्राम महुदा में कल दिनांक 10 सितंबर 2026, दिन गुरुवार को भव्य पोला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पिछले 19 वर्षों से लगातार उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग एकत्रित होते हैं। ​इस भव्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हुए सुवा नृत्य, कर्मा और ददरिया की विशेष प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इस पावन अवसर पर विभिन्न प्रकार की रोमांचक खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन रखा गया है: ​ पुरुष वर्ग के खेल: क्रिकेट, बैल दौड़, बैल सजावट, मटकी फोड़ और खुर्सी दौड़। ​ महिला वर्ग के खेल: मटकी फोड़, खुर्सी दौड़, आलू दौड़, फुग्गा ...

*महुदा: दो दशकों से मूर्ति कला को सहेज रहा चक्रधारी परिवार*, *गणेश उत्सव के बीच मूर्तियों को मिल रहा अंतिम रूप*​

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*महुदा: दो दशकों से मूर्ति कला को सहेज रहा चक्रधारी परिवार*,  *गणेश उत्सव के बीच मूर्तियों को मिल रहा अंतिम रूप* ​ सेलुद ***-गणेश उत्सव के नजदीक आते ही महुदा क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। इस बीच, स्थानीय निवासी और मूर्तिकार गजानंद चक्रधारी भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। गजानंद चक्रधारी के अनुसार, उनके यहाँ भगवान गणेश के अलावा माँ दुर्गा, माता लक्ष्मी और भगवान विश्वकर्मा की सुंदर व आकर्षक प्रतिमाओं का निर्माण किया जाता है। उनका पूरा परिवार पिछले 20 वर्षों से निरंतर इस मूर्ति निर्माण कार्य को संभाल रहा है। ​ पारिवारिक विरासत और आजीविका का मुख्य आधार अपनी इस कलात्मक विरासत के बारे में बात करते हुए गजानंद जी ने बताया कि सबसे पहले उनके पिता स्व. आनंद चक्रधारी जी मूर्तियाँ बनाया करते थे। उनके देहांत के बाद इस कार्य की कमान उनके भाई ने संभाली। भाई के आकस्मिक निधन के पश्चात अब वे स्वयं पूरी निष्ठा के साथ इस पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने अपनी आजीविका को लेकर साझा किया कि उनके पास आय का और कोई दूसरा साधन नहीं...